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वीके अनुभव: वीके से भगवान श्री कृष्ण को सप्रेम प्रार्थना।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।
इस पोस्ट द्वारा मै एक अद्भुत वीके (VK) अनुभव सांझा कर रहा हूँ। इस अनुभुति का भाव हिंदी में ही अच्छी प्रकार महसूस किया जा सकता है।
मैं एक तुलसी-विवाह समारोह में सम्मिलित हुआ था, कार्यक्रम अत्यंत आनन्दित करने वाला था।
आयोजकों ने कार्यक्रम समाप्ति के बाद प्रसाद ग्रहण (लंगर) भी रखा हुआ था, किन्तु मैंने देखा कि वे थोड़ा चिंतित हो रहे थे क्योंकि कार्यक्रम में समिमलित हुए लोगों के अनुसार प्रसाद भण्डार थोड़ा कम लग रहा था।
मुझे एक प्राचीन कथा का स्मरण आया (महाभारत काल में) जहाँ भगवान कृष्ण द्रौपदी की रसोई से एक चावल के दाने का भोग ग्रहण करते हैं और सारा संसार तृप्त हो जाता है।
मैंने अपने प्रिय वीके VK को दोंनो हाथों मे रखकर भगवान कृष्ण से प्रार्थना की " हे भगवन जैसे आपने एक चावल के भोग से सारे संसार को तृप्त कर दिया था वैसे ही आज का भोग ग्रहण कीजिए और चमत्कार कीजिए कि यहाँ उपस्थित सभी लोगों को पूर्ण प्रसाद प्राप्त हो कोई भूखा न रहे।"
कार्यक्रम की पूर्ण समाप्ति पर जो हुआ वह निश्चय ही चमत्कारी अनुभव रहा, वहाँ उपस्थित ही नहीं अपितु बाद में आने वाले लोगों को भी पूर्ण प्रसाद प्राप्त हुआ और समय से अधिक तक कार्यक्रम चलता रहा। यही नही बहुत लोगों को प्रसाद घर ले जाने के लिए भी उपलब्ध रहा।
वाह! भगवत कृपा और उनकी दिव्य शक्तियाँ जो वीके द्वारा हमारा उद्धार करती हैं उनकी कोई परिसीमा नही है।।
जय श्री कृष्ण।।

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